भाषा, संस्कृति एवं शोध संस्थान
“धम्म और करुणा आधारित शिक्षा की ओर एक कदम।”
बुद्ध संस्कृति विश्वविद्यापीठ (Buddha Sanskriti Vishwapeeth) भाषा, संस्कृति, शिक्षा, बौद्ध अध्ययन एवं शोध के क्षेत्र में कार्य करने वाली एक शैक्षिक एवं सामाजिक संस्था है। इसका प्रमुख उद्देश्य ज्ञान, प्रज्ञा, करुणा, नैतिक मूल्यों और मानवीय संवेदनाओं पर आधारित शिक्षा को बढ़ावा देना तथा शिक्षा के माध्यम से समाज में सकारात्मक परिवर्तन की दिशा में कार्य करना है।
विश्वविद्यापीठ का विशेष ध्यान पाली भाषा एवं साहित्य, बौद्ध दर्शन, बुद्ध के धम्म, भारतीय संस्कृति, शांति शिक्षा तथा मानवीय मूल्यों के अध्ययन और प्रसार पर है। संस्था पारंपरिक ज्ञान को आधुनिक शैक्षिक माध्यमों एवं डिजिटल तकनीक से जोड़कर विद्यार्थियों, शिक्षकों, शोधार्थियों और सामान्य शिक्षार्थियों तक शिक्षा पहुंचाने का प्रयास करती है।
हमारा दृष्टिकोण
हमारा विश्वास है कि शिक्षा केवल रोजगार प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि व्यक्ति के बौद्धिक, नैतिक और सामाजिक विकास का महत्वपूर्ण आधार है।
बुद्ध के धम्म में निहित प्रज्ञा, करुणा, मैत्री, अहिंसा और समता जैसे मूल्यों को आधुनिक शिक्षा के साथ जोड़कर एक संवेदनशील एवं जिम्मेदार समाज के निर्माण में योगदान देना हमारा प्रमुख दृष्टिकोण है।
पाली भाषा एवं बौद्ध अध्ययन
पाली भाषा बौद्ध साहित्य और भारतीय ज्ञान परंपरा की महत्वपूर्ण भाषाओं में से एक है। बुद्ध संस्कृति विश्वविद्यापीठ पाली भाषा के अध्ययन, अध्यापन एवं प्रचार-प्रसार को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ पाली साहित्य और बौद्ध ग्रंथों के अध्ययन के लिए शैक्षिक वातावरण विकसित करने की दिशा में कार्य करता है।
संस्था का उद्देश्य विद्यार्थियों और नई पीढ़ी को पाली भाषा तथा बौद्ध ज्ञान परंपरा से जोड़ना और इस क्षेत्र में अध्ययन, प्रशिक्षण, शोध तथा शैक्षिक गतिविधियों को बढ़ावा देना है।